यह एक आयुर्वेदिक सिरप है जिसे विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों के मिश्रण तथा कई वर्षों के अनुसंधान के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पाचन तंत्र को मजबूत करना, लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाना तथा संपूर्ण स्वास्थ्य को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाना है।
DIGESTO CARE SYRUP में भृंगराज, पुनर्नवा, कालमेघ, मकोय, यष्टिमधु, शंख भस्म, हरड़, आँवला, बेल, चित्रक, अजवाइन तथा अनेक दुर्लभ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ सम्मिलित हैं। यह लिवर, पाचन तंत्र एवं आँतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायता करता है तथा अपच, गैस, कब्ज, एसिडिटी, भूख की कमी एवं पेट संबंधी अनेक समस्याओं में लाभकारी माना जाता है।
यह लिवर की कोशिकाओं की सुरक्षा करता है, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायता करता है, पित्ताशय एवं मूत्र संबंधी समस्याओं में लाभकारी है तथा लिवर विकार, फैटी लिवर, पीलिया, पेट फूलना एवं कब्ज जैसी समस्याओं में भी उपयोगी माना जाता है। इसके प्रमुख Ingredients की विशेषताएँ नीचे दी गई हैं।
INGREDIENTS AND IT'S BENEFITS:-
01 – Punarnava
पुनर्नवा (Punarnava) एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने, लिवर एवं किडनी की कार्यक्षमता सुधारने तथा सूजन कम करने के लिए किया जाता है। यह प्राकृतिक मूत्रवर्धक (Diuretic) के रूप में कार्य करती है तथा पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में भी सहायक है।
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लिवर एवं किडनी की कार्यक्षमता बेहतर बनाती है।
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शरीर की सूजन कम करने में सहायक।
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मूत्र संबंधी समस्याओं में लाभकारी।
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पाचन शक्ति एवं भूख बढ़ाने में सहायक।
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फैटी लिवर एवं पीलिया में लाभकारी।
02 – Kalmegh
कालमेघ (Kalmegh / Andrographis paniculata) आयुर्वेद की अत्यंत महत्वपूर्ण कड़वी औषधि है जिसे विशेष रूप से लिवर की सुरक्षा, पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा शरीर को संक्रमण से बचाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके हेपेटोप्रोटेक्टिव (Hepatoprotective) गुण लिवर को स्वस्थ रखने में अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं।
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लिवर की सुरक्षा एवं कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक।
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भूख बढ़ाने एवं पाचन सुधारने में लाभकारी।
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शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
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संक्रमण एवं सूजन कम करने में सहायक।
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फैटी लिवर एवं पीलिया जैसी समस्याओं में लाभकारी।
03 – Yashti Madhu
यष्टिमधु (Yashti Madhu / Licorice) आयुर्वेद की एक प्रसिद्ध औषधि है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पाचन तंत्र, पेट एवं श्वसन संबंधी विकारों के उपचार में किया जाता है। यह पेट की भीतरी परत (Gastric Mucosa) की सुरक्षा करती है तथा एसिडिटी, अल्सर, गैस एवं अपच जैसी समस्याओं में अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
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एसिडिटी एवं पेट के अल्सर में लाभकारी।
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पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में सहायक।
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पेट की जलन एवं गैस कम करने में मददगार।
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आंतों की भीतरी परत की सुरक्षा करता है।
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शरीर में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक।
04 – Shankh Bhasma
शंख भस्म (Shankh Bhasma) आयुर्वेद में पाचन संबंधी विकारों के लिए अत्यंत उपयोगी औषधि मानी जाती है। इसका उपयोग अपच, गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, कब्ज तथा अम्लपित्त (Hyperacidity) जैसी समस्याओं में किया जाता है। यह पाचन अग्नि को संतुलित कर भोजन के उचित पाचन में सहायता करती है।
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एसिडिटी एवं अम्लपित्त कम करने में सहायक।
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गैस एवं अपच से राहत दिलाता है।
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भोजन के पाचन में सहायता करता है।
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पेट दर्द एवं पेट फूलने में लाभकारी।
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पाचन अग्नि को संतुलित रखने में सहायक।
05 – Makoy
मकोय (Makoy / Solanum nigrum) एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसका उपयोग विशेष रूप से लिवर की सुरक्षा, पीलिया, सूजन तथा पाचन संबंधी विकारों के उपचार में किया जाता है। इसके हेपेटोप्रोटेक्टिव एवं एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण लिवर को स्वस्थ रखने तथा शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होते हैं।
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लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक।
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फैटी लिवर एवं पीलिया में लाभकारी।
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सूजन एवं संक्रमण कम करने में सहायक।
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कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार।
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पाचन शक्ति एवं भूख बढ़ाने में सहायक।
प्रयोग विधि
बच्चे :
5 से 10 ml दिन में दो बार आधा कप गुनगुने पानी के साथ।
वयस्क :
15 से 20 ml दिन में 2 से 3 बार आधा कप गुनगुने पानी के साथ
भोजन के पूर्व अथवा भोजन के बाद चिकित्सक के निर्देशानुसार लें।
Caution
गर्भवती महिलाएँ, स्तनपान कराने वाली महिलाएँ तथा ऐसे पुरुष या महिलाएँ जिनका पहले से किसी बीमारी का उपचार चल रहा हो, वे इस सिरप का सेवन करने से पूर्व अपने चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
नोट : "सेवन से पूर्व अपने चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।"
Pack Size : 450 ml
MRP : ₹945/-
An Ayurvedic Proprietary Medicine
No Side Effects
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