यह एक आयुर्वेदिक सिरप है। जिसको विभिन्न जड़ी-बूटियों के मिश्रण से और कई वर्षों के अनुसंधान से आपकी समस्या में शत प्रतिशत असरकारक साबित हो और आपको पूर्ण निदान दे इस प्रकार तैयार किया गया है।
THYROX-CARE SYRUP में सोंठ, बिच्छू बूटी, अकरकरा, बाँझी, पिप्पली, त्रिफला, धनिया के अलावा अनेक ऐसी दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ हैं जो हमारे थायरॉइड ग्लैंड (Thyroid Gland) तथा शरीर के अन्य अंगों को संतुलित रखने में सहायक होती हैं।
थायरॉइड ग्रंथि के विकारों के लिए यह एक बेहतरीन पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार माना जाता है। THYROX-CARE SYRUP के नियमित सेवन से थायरॉइड हार्मोन के स्तर को संतुलित रखने, वजन बढ़ना, थकान एवं सूजन जैसी समस्याओं को कम करने में सहायता मिलती है।
यह शरीर में ऊर्जा बढ़ाने, पाचन सुधारने, डिटॉक्सिफिकेशन करने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत बनाने में भी सहायक है। इसके कुछ महत्वपूर्ण Ingredients की जानकारी नीचे दी गई है।
INGREDIENTS AND IT'S BENEFITS:-
01 – Sonth
सोंठ में मौजूद "जिंजरोल" एवं एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण थायरॉइड ग्रंथि में होने वाली सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद करते हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म में वजन बढ़ना एक सामान्य समस्या है। सोंठ मेटाबॉलिज्म को तेज करती है तथा शरीर में अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायता करती है।
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थायरॉइड ग्रंथि की सूजन कम करने में सहायक।
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मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करता है।
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वजन बढ़ने एवं थकान को कम करने में सहायक।
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पाचन शक्ति में सुधार करता है।
02 – Bicchu Buti
बिच्छू बूटी प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी एवं एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। यह थायरॉइड ग्रंथि में होने वाली सूजन को कम करने तथा शरीर को आवश्यक विटामिन (A, C, K) एवं खनिज प्रदान करने में सहायक होती है।
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थायरॉइड ग्रंथि की सूजन कम करने में सहायक।
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प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत।
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शरीर को आवश्यक विटामिन एवं मिनरल्स प्रदान करती है।
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थायरॉइड ग्रंथि को पोषण (Nourish) प्रदान करती है।
03 – Akarkara
अकरकरा (Akarkara) थायरॉइड की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने वाली एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है। यह शरीर में ऊर्जा एवं स्फूर्ति बनाए रखने, थकान को कम करने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक मानी जाती है। यह पाचन तंत्र को भी सुदृढ़ बनाती है जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
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शरीर में ऊर्जा एवं स्फूर्ति बढ़ाने में सहायक।
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थायरॉइड की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मददगार।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत करता है।
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पाचन शक्ति में सुधार कर पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता करता है।
04 – Pippali
पिप्पली (लंबी मिर्च) का उपयोग आयुर्वेद में विशेष रूप से हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism) के लक्षणों को कम करने तथा थायरॉइड ग्रंथि की कार्यक्षमता में सुधार करने के लिए किया जाता है। इसमें उपस्थित पिपरीन (Piperine) शरीर में पोषक तत्वों एवं औषधियों के अवशोषण को बढ़ाती है तथा थायरॉइड हार्मोन (T4) को सक्रिय हार्मोन (T3) में परिवर्तित होने की प्रक्रिया में सहायक मानी जाती है।
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थायरॉइड हार्मोन के संतुलन में सहायक।
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पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाती है।
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मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में सहायक।
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T4 हार्मोन को T3 में परिवर्तित होने की प्रक्रिया में सहायता करती है।
05 – Dhania
धनिया (Coriander) थायरॉइड ग्रंथि के स्वास्थ्य को बनाए रखने एवं इसके लक्षणों को नियंत्रित करने में लाभकारी माना जाता है। इसका नियमित सेवन शरीर में सूजन कम करने, पाचन में सुधार करने तथा विषैले तत्वों (Toxins) को बाहर निकालने में सहायक होता है। इसके मूत्रवर्धक (Diuretic) गुण शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं।
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थायरॉइड ग्रंथि के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक।
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डिटॉक्सिफिकेशन (Detoxification) में सहायता करता है।
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शरीर की अतिरिक्त सूजन कम करने में सहायक।
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पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करता है।
प्रयोग विधि
बच्चे :
5 से 10 ml दिन में दो बार सुबह एवं शाम, आधा कप गुनगुने पानी में मिलाकर दें।
वयस्क :
10 से 30 ml दिन में 2 से 3 बार सुबह, दोपहर एवं शाम, आधा कप गुनगुने पानी में मिलाकर भोजन के आधा घंटा पूर्व अथवा भोजन के आधा घंटा बाद लें।
Caution
गर्भवती महिला, स्तनपान कराने वाली महिलाएँ एवं ऐसे पुरुष या महिलाएँ जिनका पहले से किसी बीमारी का उपचार चल रहा हो, वे इस औषधि का सेवन करने से पूर्व अपने चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
नोट : "सेवन से पूर्व चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।"
Pack Size : 450 ml
MRP : ₹1382/-
An Ayurvedic Proprietary Medicine
No Side Effects
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