यह एक आयुर्वेदिक सिरप है जिसे विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों के मिश्रण तथा वर्षों के अनुसंधान के आधार पर तैयार किया गया है। PILES CARE SYRUP में अनेक प्रभावशाली जड़ी-बूटियाँ सम्मिलित हैं जो बवासीर (खूनी एवं बादी), कब्ज, पाचन विकार तथा गुदा संबंधी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती हैं। यह मल त्याग को सहज बनाकर दर्द, सूजन एवं जलन से राहत प्रदान करने तथा पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायता करता है। इसके प्रमुख Ingredients के लाभ नीचे दिए गए हैं।
INGREDIENTS AND IT'S BENEFITS
01 – Haritaki Extract
हरितकी प्राकृतिक रेचक (Natural Laxative) के रूप में कार्य करती है। यह आंतों में जमा मल को आसानी से बाहर निकालने, कब्ज दूर करने तथा पाचन शक्ति को बेहतर बनाने में सहायक होती है।
- कब्ज से राहत दिलाती है।
- पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है।
- मल त्याग को आसान बनाती है।
- गैस, अपच एवं पेट फूलने में लाभकारी।
- बवासीर के दर्द एवं सूजन में राहत देती है।
02 – Trikatu Extract
त्रिकटु (सौंठ, काली मिर्च एवं पीपली) पाचन सुधारने वाली प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। यह अग्नि को प्रदीप्त करती है, गैस एवं अपच को कम करती है तथा शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में सहायक होती है।
- पाचन शक्ति बढ़ाती है।
- अपच एवं गैस में राहत।
- शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करती है।
- कब्ज की समस्या कम करने में सहायक।
03 – Indrayan Extract
इन्द्रायण का उपयोग आयुर्वेद में कब्ज, पाचन विकार, जॉन्डिस, गठिया तथा मूत्र संबंधी रोगों में किया जाता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक माना जाता है।
- कब्ज दूर करने में सहायक।
- पाचन विकारों में लाभकारी।
- पीलिया एवं गठिया में उपयोगी।
- मूत्र संबंधी समस्याओं में सहायक।
04 – Chitrak Extract
चित्रक आयुर्वेद में पाचन शक्ति बढ़ाने तथा पेट संबंधी रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है। यह बवासीर, कृमि रोग तथा त्वचा संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी है।
- पाचन शक्ति बढ़ाता है।
- बवासीर में लाभकारी।
- त्वचा रोगों में सहायक।
- कृमि रोगों में उपयोगी।
05 – Babul Extract
बबूल की छाल अपने कषाय (Astringent) गुणों के कारण रक्तस्रावी एवं दर्दयुक्त बवासीर में अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। यह सूजन कम करने तथा ऊतकों को मजबूत बनाने में सहायक है।
- रक्तस्रावी बवासीर में लाभकारी।
- सूजन एवं दर्द कम करता है।
- संक्रमण से बचाव करता है।
- घाव भरने में सहायक।
06 – Mahua Phool Extract
महुआ के फूल बवासीर, पेट के अल्सर तथा पाचन विकारों में उपयोगी माने जाते हैं। यह शरीर में हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ाने तथा पेट दर्द एवं जलन में राहत देने में सहायक होते हैं।
- बवासीर में लाभकारी।
- हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक।
- अल्सर एवं पेट दर्द में राहत।
- बुखार में लाभकारी।
- सिर दर्द कम करने में सहायक।
प्रयोग विधि
बच्चे :
5 से 10 ml दिन में दो बार एक गिलास गुनगुने पानी के साथ।
वयस्क :
10 से 15 ml दिन में 2–3 बार एक गिलास गुनगुने पानी के साथ।
भोजन के पूर्व अथवा भोजन के बाद चिकित्सक के निर्देशानुसार लें।
Caution
गर्भवती महिलाएँ, स्तनपान कराने वाली महिलाएँ तथा ऐसे पुरुष या महिलाएँ जिनका पहले से किसी बीमारी का उपचार चल रहा हो, वे इस सिरप का सेवन करने से पूर्व अपने चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
नोट : सेवन से पूर्व अपने चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
Pack Size : 450 ml
MRP : ₹1130/-
An Ayurvedic Proprietary Medicine
No Side Effects
www.sellmuch.in